
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिल्म आदिपुरुष को लेकर मचे विवाद पर तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एजेंडेवाली मनमानी फिल्में बनाने वालों को सेंसरबोर्ड का प्रमाणपत्र देने से पहले, उनके ‘राजनीतिक-चरित्र’ का प्रमाणपत्र देखना चाहिए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट कर सेंसरबोर्ड पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फिल्म आदिपुरुष को लेकर को सोशल मीडिया पर हो रही तीखी आलोचना पर कहा कि जो राजनीतिक आकाओं के पैसों से, एजेंडेवाली मनमानी फिल्में बनाकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनकी फिल्मों को सेंसरबोर्ड का प्रमाणपत्र देने से पहले, उनके ‘राजनीतिक-चरित्र’ का प्रमाणपत्र देखना चाहिए। क्या सेंसरबोर्ड धृतराष्ट्र बन गया है?
जो राजनीतिक आकाओं के पैसों से, एजेंडेवाली मनमानी फ़िल्में बनाकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनकी फ़िल्मों को सेंसरबोर्ड का प्रमाणपत्र देने से पहले, उनके ‘राजनीतिक-चरित्र’ का प्रमाणपत्र देखना चाहिए।
क्या सेंसरबोर्ड धृतराष्ट्र बन गया है?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 19, 2023
आदिपुरुष पर अयोध्या के संतों ने भी नाराजगी जताई है। संतों ने जनता से फिल्म न देखने की अपील की है।
धोखेबाजों पर कृपा क्यों…
एक अन्य ट्वीट में अखिलेश ने कहा कि लोन लेकर जानबूझकर बैंकों को धोखा देनेवालों के लिए भाजपा सरकार कारपेट बिछाकर, बैंकों से इन फरेबियों से समझौता करवा रही है। किसान के कर्ज या आम जनता की बीमारी, पढ़ाई या घर के कर्ज की वसूली के लिए तो सरकार बैंकों से क्या-क्या उत्पीड़न करवाती है तो फिर धोखेबाज़ों पर कृपा क्यों?
लोन लेकर जानबूझकर बैंकों को धोखा देनेवालों के लिए भाजपा सरकार कारपेट बिछाकर, बैंकों से इन फ़रेबियों से समझौता करवा रही है। किसान के क़र्ज़ या आम जनता की बीमारी, पढ़ाई या घर के क़र्ज़ की वसूली के लिए तो सरकार बैंकों से क्या-क्या उत्पीड़न करवाती है तो फिर धोखेबाज़ों पर कृपा क्यों?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 19, 2023
अखिलेश यादव ट्वटिर के सहारे लगातार केंद्र व राज्य सरकार पर हमलावर रहते हैं। उन्होंने लू के कारण हो रही मौतों पर भी सरकार को घेरा है।
