
यू-ट्यूबर अगस्त्य चौहान
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अलीगढ़ में यमुना एक्सप्रेस वे पर टप्पल क्षेत्र में माइल स्टोन 46 पर 4 मई की तड़के हुई यू-ट्यूबर बाइक राइडर अगस्त्य चौहान की गैर इरादतन हत्या में पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिला। परिवार के आरोप व संदेह को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। कई महीने की जांच के बाद कोई साक्ष्य न मिलने पर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। जिन पर परिवार ने तहरीर में संदेह जताया था, उन्हें पुलिस स्तर से क्लीनचिट दे दी गई।
घटना 4 मई की तड़के की है। मूल रूप से देहरादून कनॉट प्लेस निवासी यूट्यूबर बाइक राइडर अगस्त्य चौहान अपने कुछ दोस्तों के साथ नोएडा रुका हुआ था। तड़के ही वह बाइक राइडिंग के इरादे से यमुना एक्सप्रेस वे पर आया। यहां से साढ़े नौ बजे वापसी के समय उसकी दुर्घटना में मौत हो गई। उसके दोस्तों ने इसकी सूचना परिवार व पुलिस को दी।
सूचना पर आए पिता व परिजनों ने बेटे की हत्या का संदेह जताते हुए कहा कि उसके पास दो कैमरे गायब हैं। तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मगर, घटनास्थल पर जांच में एक कैमरा झाड़ियों में पड़ा मिला। जिसमें अगस्त्य की बाइक की स्पीड 300 किमी तक पहुंचना पाया। साथ में यह भी पाया कि वह अपने साथी राइडर से हेलमेट में कमी होना बता रहा है। इसी के चलते उन्होंने टप्पल क्षेत्र में यू टर्न लिया है। आने व जाने के दौरान दोनों साथ हैं।
बरामद कैमरे में घटना से पहले की पांच मिनट की एक वीडियो रिकॉर्डिंग पाई गई। जिसमें पांच रेसर सुबह करीब छह बजे राइड पर निकले थे। 9:29 बजे पांचों रेसर जेवर टोल पर पहुंचे थे। 9:32 पर आमिर व अगस्त्य जेवर टोल को पार करके मथुरा की तरफ बढ़े थे। करीब पांच किलोमीटर बाद ही दोनों ने यू-टर्न लिया। वीडियो में दोनों साथ में यू-टर्न लेते दिखे थे। इसके बाद अचानक दुर्घटना में मौत हुई।
