गलियों में बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा सोमवार को नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में उठने के बाद मंगलवार को नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को अफसर सफाई देखने निकले तो सच से सामना हो गया। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को राजनगर में ही सफाई व्यवस्था खराब मिली, जिस पर सफाई निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तो सुपरवाइजर व सफाईकर्मी को बर्खास्त करने की संस्तुति नगर आयुक्त से की गई है।

सोमवार को राजनगर के पार्षद बंटी माहौर ने मुख्य मार्गों तक सफाई व्यवस्था सीमित रहने और गलियों में गंदगी का मुद्दा उठाया था। इसी के बाद अपर नगर आयुक्त ने मंगलवार को पार्षद के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां गंदगी, कूड़े के ढेर और नालियों में सिल्ट जमा पाई गई। निरीक्षण के समय सुपरवाइजर मौके पर अनुपस्थित मिला। अपर नगर आयुक्त ने क्षेत्रीय एसएफआई मुनेश मौर्य से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही वार्ड में तैनात सुपरवाइजर व सफाईकर्मी को बर्खास्त करने की संस्तुति की है। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि सभी सफाई कर्मियों, सुपरवाइजर व एसएफआई को वार्ड में नियमित निगरानी रखने को कहा गया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा को टॉप-3 में लाने का लक्ष्य

सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की रैंकिंग में शहर को टॉप-3 में शामिल करने का लक्ष्य लेकर एक समीक्षा बैठक की गई। इसमें नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने स्वच्छता संबंधी सभी मानकों को एक सप्ताह में पूरा करने की बात कही। उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, गीला सूखा कचरा अलग लेने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और नालों की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सहायक नगर आयुक्त आदि मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा तथा अपर निदेशक ऋतु सुशा शामिल हुईं।

 



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