आगरा के थाना जगदीशपुरा की आवास विकास काॅलोनी के सेक्टर सात में रविवार सुबह 11 बजे एक मकान में धर्मांतरण की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। जानकारी पर थाने की फोर्स पहुंच गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश किया जा रहा है। पुलिस ने दंपती सहित 8 लोगों को पकड़ लिया। पुलिस सभी को थाने ले गई। वहीं घर से धार्मिक पुस्तकें मिली हैं। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में धर्म परिवर्तन कराने की पुष्टि नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बजरंग दल पदाधिकारी सुनील पाराशर, करन गर्ग, दिग्विजय नाथ तिवारी ने बताया कि एक महिला ने जानकारी दी थी कि सेक्टर 4 पुलिस चाैकी के पास विश्वनाथ सिंह चाैहान की कोठी में कुछ लोग धर्म परिवर्तन कराते हैं। प्रत्येक रविवार को धर्म सभा का आयोजन किया जाता है। इसमें लोग आते हैं। उनको लालच दिया जाता है। कहा जाता है कि बच्चों को मिशनरी स्कूल में प्रवेश दिला देंगे। नाैकरी मिल जाएगी। हर महीने आर्थिक मदद भी की जाएगी। इस पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी घर में पहुंच गए।
घर की पहली मंजिल पर जब पहुंचे तो धार्मिक किताबें रखी हुई थीं। लोगों से प्रार्थना करवाई जा रही थी। इस पर हंगामा होने लगा। सूचना पर थाना जगदीशपुरा की फोर्स के साथ एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह पहुंच गए। उन्होंने घर में जांच की। घर में एक किश्चियन दंपती रह रहे थे। उनके पास लोग आया करते थे। पुलिस ने दंपती के साथ 4 अन्य लोग और दंपती के 2 रिश्तेदारों को थाने ले जाकर पूछताछ की। कार्यकर्ता करन गर्ग ने बताया कि काफी समय से क्षेत्र में कुछ लोग घर घर जाकर प्रचार कर रहे हैं। लोगों को धर्म सभा में आने के लिए कहा जा रहा है। एक बार कोई आ जाता है तो उसे प्रलोभन दिया जाता है। उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए बोला जाता है। अगर कोई व्यक्ति तैयार नहीं होता है तो उस पर तरह-तरह से दबाव बनाया जाता है।
दो साल से किराये के मकान में रह रहे दंपती
एसीपी गाैरव सिंह ने बताया कि घर में ईसाई धर्म सभा चल रही थी। धर्मांतरण का आरोप लगाया गया। मगर प्राथमिक जांच में फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। दंपती ने बताया कि वह ईसाई हैं। उनके पास धर्म के लोग मिलने के लिए आते हैं। वहीं चार लोग आवास विकास के ही थे। इनमें दो लोग हिंदू थे। वहीं दो दंपती के भाई और बहन थे। उनसे पूछताछ की गई। वह कुछ नहीं बता सके। दंपती दो साल से विश्वनाथ सिंह चाैहान के मकान में किराये पर रह रहे थे। हालांकि आसपास के लोगों का कहना था कि वह धर्म सभा में कई लोगों को बुलाते थे। मामले में जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सदर की दो बहनों का कराया था धर्म परिवर्तन
आगरा में धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। मार्च में सदर की दो बहनें लापता हो गई थीं। पुलिस ने उन्हें जुलाई में कोलकाता के तपसिया से मुक्त कराया था। दोनों का धर्म परिवर्तन मुसलिम धर्म में कराया गया था। पुलिस ने एक साथ 14 लोगों को पकड़ा था। इनमे दिल्ली का अब्दुल रहमान सरगना और गोवा की आयशा भी शामिल थी। गिरोह का नेटवर्क पाकिस्तान सहित अन्य देशों से सामने आया था। पहले लोगों को बहला-फुसलाकर जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद प्रलोभन देकर अपने पास बुलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। इसके बाद केदार नगर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। ईसाई धर्म सभा में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को पकड़ा था। थाना शाहगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इससे पहले भी धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ चुके हैं।
