आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दांतों से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना औसतन 50 से 60 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें दांत घिसने, मसूड़ों के कमजोर होने और दांत हिलने या खराब होने की शिकायत है।
यह समस्या अब युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रही है। दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि दांतों की खराबी का मुख्य कारण गलत तरीके से ब्रश करना और तंबाकूयुक्त मंजन का इस्तेमाल है। कहा कि तंबाकूयुक्त मंजन दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाने के साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकते हैं। दांतों की सफाई हमेशा ब्रश और अच्छे गुणवत्ता वाले टूथपेस्ट से ही करनी चाहिए, अंगुली से नहीं।
उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत लोग गलत तरीके से ब्रश करते हैं। दांतों को बाएं-दाएं रगड़ने से मसूड़ों पर असर पड़ता है और धीरे-धीरे दांत घिसने लगते हैं। ब्रश हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए और उसे सही तकनीक से इस्तेमाल करना चाहिए। पुराना या कड़ा ब्रश दांतों को नुकसान पहुंचाता है।
ये उपाय भी करें
– सुबह और रात में सोने से पहले ब्रश जरूर करें।
-किसी भी प्रकार के पाउडरयुक्त मंजन का इस्तेमाल न करें
-तंबाकू वाले मंजन से पूरी तरह बचें
-मुलायम ब्रश का ही इस्तेमाल करें
