फतेहपुर सीकरी के ग्राम दूरा स्थित दुर्वासागढ़ गोशाला की गायों के लिए रविवार का दिन काल बनकर आया। खेतों में चरने गईं करीब 60 गायों में से 17 तड़प-तड़प कर मर गईं। जबकि 13 का इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग की टीम ने गायों का पोस्टमार्टम कर विसरा को जांच के लिए मथुरा भेजा है। प्रथम दृष्टया मौत विषाक्त पदार्थ से लग रही है। पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पुलिस ने गायों का अंतिम संस्कार कराया।
दूरा निवासी महावीर सिंह निजी गोशाला संचालक हैं। गोशाला में करीब 100 गोवंश थे। उनका चरवाहा सुबह करीब 10 बजे 60 गायों को पास के खेतों में चराने ले गया था। रास्ते में कई जगह उन्होंने पानी पीया। इसके बाद एक खाली पड़े खेत में चरने लगीं। आसपास के खेतों में गेहूं की फसल खड़ी थी।
करीब 2:30 बजे अचानक गायों की तबीयत खराब होने लगी। गायों को जमीन पर गिरकर तड़पता देख चरवाहा घबरा गया। उसने शोर मचाया तो ग्रामीण एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते 17 गाय मर गईं। फतेहपुर सीकरी के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तोमर अपनी टीम और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से बीमार 13 गाय को तत्काल दवाएं और वैक्सीनेशन देकर बचाने का प्रयास शुरू किया गया। उनकी हालत में सुधार के बाद गोशाला भेज दिया। मृत गायों का पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।
सीवीओ डा़ॅ डीके पांडे ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे गायाें के हालत बिगड़ने की सूचना मिली थी। तत्काल मौके पर चिकित्सकों की टीम पहुंची। उन्होंने इलाज शुरू किया। 13 गायों की जान बचा ली गई है। 17 मर गई हैं। उनका पोस्टमार्टम कर विसरा जांच के लिए मथुरा पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा है। प्रथम दृष्ट्या मामला विषाक्त से मौत का लग रहा है। एक मृत गाय को भी गोशाला मालिक जांच के लिए मथुरा ले गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद सही कारणों का पता लग सकेगा। जिस खाली खेत में अधिकतर गाय ने दम तोड़ा है। वह कई साल से बंजर पड़ा है। उसमें आधे से एक फिट की घास खड़ी है। उसके नमूने भी जांच के लिए भेजे जाएंगे।
प्रथम दृष्टया मामला विषाक्त का
पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तोमर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला विषाक्त का लग रहा है। संभवत घास या चारे में किसी जहरीले तत्व के होने से यह हादसा हुआ। मरने के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
जांच के घेरे में मामला
प्रशासन ने मृत गायों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस और पशुपालन विभाग इस बात की गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि यह कोई लापरवाही थी या किसी ने जानबूझकर चारे में जहर मिलाया था।
विधायक चाैधरी बाबूलाल ने जताई चिंता
ग्राम दूरा स्थित गौशाला में लगातार गायों के मरने पर विधायक चौधरी बाबूलाल ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग को पत्र भेजकर मामले की तत्काल जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गोशाला में गायों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
