आगरा के दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। एक पक्ष ने जानलेवा हमला, मारपीट और घड़ी लूटने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने वकालतनामा लगाने से रोकने पर तीन हजार रुपये लूटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। थाना हरीपर्वत पुलिस दोनों तरफ से प्राथमिकी दर्ज कर जांच में लगी है।
घटना मंगलवार की है। पहली शिकायत अधिवक्ता देवेंद्र यादव ने की। आरोप लगाया है कि वह गेट नंबर चार से खाना खाकर अपने चैंबर की ओर जा रहे थे, तभी सोनू परमार और उनके तीन अन्य साथियों ने उन्हें रोक लिया और कहा कि बड़े वकील बन गए हो। विरोध पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनकी गर्दन और सीने में चोटें आईं और सांस लेने में परेशानी हो रही है। साथ ही उनकी टाइटन की घड़ी भी छीन ली।
वहीं, दूसरी तहरीर अधिवक्ता सोनू परमार ने दी है। आरोप लगाया है कि वह अपने क्लाइंट पवन समाधिया के मुकदमे के दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराकर आ रहे थे। तभी अभिषेक, अमित बघेल, आदित्य वशिष्ट, दीपक यादव और दो-तीन अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने उनसे कहा कि ऋषि चौहान ने उन्हें वकालतनामा लगाने से मना किया था। इस पर तुझे समझ नहीं आ रहा। इसके बाद कोट की से तीन हजार रुपये और फाइल लूट ली। धमकी दी कि ऋषिराज चौहान की मर्जी के बिना वकालत लगाया तो हत्या कर देंगे।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। किसी को भी चोट नहीं लगी है। मामले में जांच की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
