पानी के बिल में पुराना एरियर बढ़ाकर जोड़ने का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षदों ने जलकल विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पार्षद रवि बिहारी माथुर, प्रकाश केशवानी, हेमंत प्रजापति और राकेश जैन ने आरोप लगाया है कि विभाग सदन में बढ़ाया गया बकाया न वसूलने के फैसले के खिलाफ जाकर लोगों को प्रताड़ित कर रहा है।
पार्षदों ने कहा कि 29 नवंबर को हुई बैठक के बाद जलकल के बिलों में पिछले कई वर्षों का बकाया जोड़कर एरियर के रूप में भेजा जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता पिस रहे हैं जो नियमानुसार बिल जमा करते आए हैं। जब विभाग ने समय से एआरवी नहीं लगाया तो बकाया वसूली को पीछे से लागू करना गलत है। पार्षदों ने कहा कि कई लोगों ने वर्ष 2023 में नो ड्यूज तक विभाग से ले लिए। विभाग ने बकाया न होने पर ही यह सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन अब हजारों रुपये का एरियर लगाकर पुराना बिल भेज रहा है।
पार्षदों ने कहा कि सदन में उठे मुद्दे पर खुद महाप्रबंधक ने कहा था कि जिस तारीख से एआरवी अपडेट हुई, उसी से बकाया लिया जाएगा। दस प्रतिशत की छूट के साथ बकाया जमा करने की व्यवस्था यथावत लागू रहेगी। पार्षदों के आरोपों पर जलकल के महाप्रबंधक एके राजपूत ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है। जिसका जितना बकाया है, उतना ही जमा कराने के लिए वसूली नोटिस भेजे जा रहे हैं।
महापौर ने कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। नगर आयुक्त से भी इस संबंध में वार्ता की गई और उसी के बाद विषय पर स्पष्टता के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। वहां से जो भी निर्देश आएंगे, उसके अनुसार ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
