आगरा के यमुनापार के नगला मोहन नगर स्थित शीला देवी हॉस्पिटल में मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने पर तीमारदारों का स्टाफ से विवाद हो गया। आरोप है कि स्टाफ ने तीमारदारों को लाठी-डंडों से पीटा। इसी बीच मरीज की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस ने मारपीट के मामले में सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो को गिरफ्तार किया है। वहीं संचालक समेत स्टाफ के लोग भाग गए हैं। फिरोजाबाद के थाना पचोखरा सलीमपुर निवासी सीता ने बताया कि 13 फरवरी को फिरोजाबाद के गांव बझेरा खुर्द निवासी मां मीना देवी (69) सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई थीं।
पास के ही अस्पताल में उपचार कराया। यहां सुधार नहीं होने पर 15 जनवरी को नगला रामबल के नगला मोहन नगर स्थित शीला देवी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार रात 9 बजे छोटा भाई बीटू और जीजा रवि कुमार मां को देखने के लिए आईसीयू गए। यहां इलाज के नाम पर खानापूर्ति हो रही थी, डॉक्टर भी नहीं थे।
मां की हालत बिगड़ रही थी। इसकी शिकायत स्टाफ से की तो वह बिफर गए और आईसीयू से बाहर जाने के लिए कहने लगे। मरीज की हालत का हवाला दिया तो धमकाया गया कि जब तक रुपये जमा नहीं करोगे, तब तक कोई अंदर नहीं आ सकता है। इस पर दोनों आईसीयू से बाहर आ गए। तभी कर्मचारी आयुष, शिवम, अंशु, कन्हैया और 2-3 अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान रात 11 बजे मां की मौत हो गई। पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में भी रिकाॅर्ड हो गया है।
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। उझइया, थाना धन्नाहर, मैनपुरी निवासी शिवम चौहान और औरैया के थाना अजीतमल स्थित गांव चावरपुर निवासी अंशु राजपूत को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है।
मरीज भर्ती पर रोक, रिकाॅर्ड किए तलब
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी पर डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश चौधरी को शीला देवी हॉस्पिटल की जांच करने के लिए भेजा। इसका संचालक पुष्पेंद्र यादव बताया है। मौके पर चिकित्सक और मरीज के इलाज के पर्चे भी नहीं मिले हैं। ऐसे में अस्पताल में मरीज भर्ती पर रोक लगा दी है। अस्पताल का लाइसेंस, इलाज करने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ के शैक्षणिक और चिकित्सकीय रिकाॅर्ड, मरीज के इलाज के पर्चे, रजिस्टर समेत अन्य रिकाॅर्ड तलब किए हैं। तीन दिन में रिकाॅर्ड नहीं देने पर लाइसेंस निलंबित होगा।
