आगरा के जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक अवनीश वर्मा ने नाई की मंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने परिवहन विभाग वेतनभोगी सहकारी ऋण समिति लिमिटेड के सचिव सहित दो पर 61.40 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनका कार्यालय 71, महात्मा गांधी मार्ग पर है। बैंक के प्रधान कार्यालय ने परिवहन विभाग वेतनभोगी सहकारी ऋण समिति लिमिटेड के लिए अधिकतम उधार ग्रहण क्षमता 25 जुलाई 2014 को एक करोड़ निर्धारित की थी। बाद में यह 7 फरवरी 2018 को 3 करोड़ कर दी गई, जो 31 मार्च 2020 तक ही वैध थी।

समिति के सचिव योगेंद्र कुमार एवं अध्यक्ष ताराचंद का कार्यकाल 26 मई 2015 तक था। वर्तमान में लाखन सिंह निवासी जेपी कॉलोनी, वेस्ट अर्जुन नगर समिति के सचिव और संजीव कुमार सारस्वत निवासी गांव मिढ़ाकुर अध्यक्ष हैं। शिकायत पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा-66 के तहत परिवहन विभाग वेतनभोगी सहकारी ऋण समिति लिमिटेड के ऋण राशि की दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की।

इसमें दोषी पाए गए सचिव लाखन सिंह, पूर्व सचिव योगेंद्र कुमार और सहायक हरिश्चंद्र को अपने कार्यालय में पक्ष रखने के लिए बुलाया, मगर कोई नहीं आया। मामले में 61. 40 लाख का गबन पाया गया। इस पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।

 



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