उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) दूसरे चरण में आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। अभी तक आरबीएस स्टेशन तक ही मेट्रो चलाना प्रस्तावित था। इसके लिए डाउन लाइन की पटरी बिछाने का कार्य तेज कर दिया है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर ताज पूर्वी से सिकंदरा तक बन रहा है। इसमें 13 स्टेशन हैं और इसकी दूरी करीब 14 किमी है। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। आईएसबीटी स्टेशन का 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। ऐसे में दूसरे चरण में श्री मन:कामेश्वर से आईएसबीटी स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। अभी तक आरबीएस कॉलेज तक ही ट्रेन चलाने की योजना थी। हाईस्पीड ट्रायल भी अगले महीने के पहले सप्ताह से शुरू कर दिए जाएंगे। अप लाइन तैयार हो गई है। डाउन लाइन पर पटरी बिछाने का कार्य तेज कर दिया है। ये 15-20 दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद डाउनलेन पर भी हाईस्पीड ट्रायल किए जाएंगे। ये सभी कार्य 20 मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। ऐसे में मार्च के अंतिम या अप्रैल के पहले सप्ताह से आईएसबीटी तक मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद है। अभी ताजपूर्वी से श्री मन:कामेश्वर स्टेशन तक ही मेट्रो ट्रेन चलाई जा रही है।
कंक्रीट भरने के बाद खुदाई का कार्य शुरू
यूपीएमआरसी के उप महा प्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि प्रतापपुरा पर मशीन गिरने के बाद दो-तीन दिन कार्य बंद रहा था। टीम की जांच में सड़क के नीचे राख और मलबा निकला था। इससे जमीन कमजोर होने के कारण धंस गई थी। टीम के सर्वे करने के बाद जमीन के अंदर कंक्रीट की फीलिंग की गई है। आधार मजबूत होने के बाद मशीन से खुदाई शुरू कर दी है।
क्षतिग्रस्त मकान का मरम्मत कार्य नहीं हुआ शुरू
प्रतापपुरा निवासी मकान स्वामी संकल्प नागर का कहना है कि अभी तक मेट्रो की टीम ने उनके मकान का मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया है। टीम दो बार सर्वे कर चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके लिए प्रशासन के यहां भी शिकायत की है। यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि टीम सर्वे कर रही है। गृह स्वामी को दो विकल्प दिए गए हैं। पहला, वह स्वयं मरम्मत करा लें, जिसका भुगतान कर दिया जाएगा। दूसरा यह है कि यूपीएमआरसी ही इसका मरम्मत कराए। इस पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
