
कोर्ट का आदेश
– फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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उत्तर प्रदेश के आगरा में तीन साल पहले छत्ता थाना क्षेत्र में इलाज का झांसा देकर अबोध बालक के अपहरण के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में पति-पत्नी दोषी पाए गए। कोर्ट ने महिला को 12 वर्ष तो उसके पति को पांच वर्ष की सजा सुनाई।
घटना 25 जनवरी 2020 की है। पार्वतीपुरा, बाह निवासी ग्यासीराम के ढाई साल के बेटे की तबीयत खराब थी। वह बच्चे को लेकर अबुल उलाह दरगाह गए थे। उन्हें वहां एक महिला ने अच्छे इलाज का झांसा दिया। गुदड़ी मंसूर खां चौकी के सामने स्थित मस्जिद पर बुलाया। बच्चे को अंदर ले गई और भाग निकली।
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मामले में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 30 जनवरी को मुंबई से मीना देवी नामक महिला को पकड़ा। बच्चे को भी बरामद किया। पूछताछ में मीना ने बताया था कि पति केशव सिंह के साथ वह बच्चे को निसंतान दंपती को दे देती। इससे उसे काफी रुपये मिलते।
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इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति को भी पकड़ लिया। मीना मुंबई में रह रही थीं। केशव सिंह फतेहाबाद के गांव पलिया का रहने वाला है। इस मामले में एडीजे सप्तम की कोर्ट ने मीना देवी को 12 वर्ष और पति केशव को पांच वर्ष कैद से दंडित किया।