कासगंज। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का असर जनपद में भी देखने को मिला। रात के समय हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। इससे धान, मक्का, बाजरा की फसल को काफी नुकसान हुआ है। वहीं रबी की बोवाई पर भी इस बारिश का असर है। कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिरने से आवागमन पर भी इसका असर देखा गया। जनपद में रविवार की रात को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। मध्यरात्रि के बाद अचानक तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का असर देखा गया। शहरी क्षेत्र में जहां हल्की बारिश हुई वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में काफी तेज बारिश हुई। रात को एक घंटे में कासगंज में 9 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। वहीं सहावर में 20 एमएम बारिश हुई। जबकि पटियाली में बारिश का कोई असर नहीं हुआ।

मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया। इस समय मक्का, बाजरा एवं धान की फसल तैयार हो गई है। किसान फसल को काटने में में जुटा हुआ है। किसान की कटी हुई फसल खेतों में पड़ी है। बारिश होने से यह फसल भीग गई। वही किसान इस समय आलू, सरसों, मटर आदि की फसल की बोवाई की तैयारी कर रहा है। किसानों ने खेते भी तैयार कर लिए है, लेकिन पानी भर जाने से बुवाई पर असर पड़ा है।

बाखेत जरा की फसल काटकर खेत में सरसों बोने की तैयारी की थी लेकिन बारिश से खेतों में पानी भर गया है, अब सरसों की बोवाई देर से हो पाएगी।- ओम पुंढीर, किसान

आलू की फसल की बोवाई करने के लिए खेत को तैयार कर लिया था, लेकिन रात के समय बाारिश हो गई। फिर से खेत तैयार करना पडेगा- शीलेंद्र सिंह , किसान

मक्का की रविवार को कटाई करने के बाद फसल को खेत पर ही छोड दिया था। मौसम को देख रात को तिरपाल भी डाल दिया, लेकिन तेज बारिश होने से फसल भीग गई- सूर्यकांत, किसान

रात में हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। धान व बाजरा की फसल खेतों में गिर गई। फसल के भीग जाने से कटाई प्रभावित होगी-रामअवतार किसान

वर्जन-

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम का मिजाज बदल गया। रात में बारिश व तेज हवा का असर फसलों पर पडेगा। फसल भीग जाने से कटाई प्रभावित होगी वहीं आलू, सरसों, मटर की बोवाई भी पिछडेगी- अवधेश मिश्रा,जिला कृषि अधिकारी



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