आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 13 साल के बालक की ओपन हार्ट सर्जरी कर जान बचाई गई। उसके हृदय पर मवाद की परत बन गई थी। इससे संक्रमण फैल रहा था, हार्ट फेल होने का भी खतरा था। चार घंटे तक ऑपरेशन किया गया। अब बच्चे की हालत ठीक है। एसएन में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी की गई है।
सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि बच्चे को टीबी भी थी। बीते सप्ताह ओपीडी में आया था, जांच कराने पर हृदय पर मवाद की परत जमने का पता चला। इसे कंस्ट्रक्टिव पेरिकार्डिटिस बोलते हैं। इसमें हृदय के चारों ओर की झिल्ली कठोर और मोटी हो जाती है। इससे हृदय का संचालन प्रभावित होता है। हार्ट फेल होने का खतरा रहता है।
डॉ. अतुल ने बताया कि धड़कते हृदय से परत अलग करना बेहद जटिल है। इस सर्जरी में 50 फीसदी तक जान जाने का जोखिम रहता है। विशेषज्ञों की टीम के साथ ऑपरेशन किया गया। मरीज की हालत ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च 4-5 लाख रुपये आता और आईसीयू का खर्च अलग होता। यहां निशुल्क ऑपरेशन हुआ है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. दीपक, डॉ. मिहिर, डॉ. शिव, डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ और डॉ. आरती का सहयोग रहा।
