कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच आधे शहर के लोग बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन पानी के लिए परेशान रहे। सिकंदरा वाटरवर्क्स पर मंगलवार रात 11 बजे बिजली के फाल्ट के कारण 144 एमएलडी एमबीबीआर और 144 एमएलडी गंगाजल प्लांट बंद हो गया। सीटी में बार-बार फाल्ट के कारण बृहस्पतिवार रात 11 बजे के बाद समाधान हो पाया। उसके बाद प्लांट संचालित करके जोनल पंपिंग स्टेशनों की टंकियों को भरा गया। बुधवार पूरे दिन के बाद बृहस्पतिवार की सुबह भी पानी के लिए लोग परेशान रहे, जबकि शाम को आंशिक सप्लाई ही हो पाई। जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से जुड़े क्षेत्रों में पानी की दो जगह पाइप लाइनें फटने के कारण सप्लाई बाधित हो गई। शुक्रवार सुबह ही जलापूर्ति सामान्य होने के आसार हैं।

सिकंदरा वाटरवर्क्स पर कोहरे के बीच सप्लाई लाइन में फाल्ट हो गया। बार-बार फाल्ट ठीक किए गए, पर फिर खराबी आ गई। इससे पानी का शोधन करने वाले दोनों प्लांट बंद हो गए। प्लांट बंद होने से शोधन अधूरा रह गया। बिजली आने पर दोबारा केमिकल और फिल्टर लगाए गए, जिससे शोधन शुरू हुआ। बृहस्पतिवार दोपहर पंपिंग स्टेशनों की टंकियों को भरा गया। इससे सुबह सिकंदरा से जुड़े आधे शहर के क्षेत्रों में पानी नहीं आया। इनमें लॉयर्स कॉलोनी, सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी के सभी 16 सेक्टर, शास्त्रीपुरम, पश्चिमपुरी, लोहामंडी, केदार नगर, शाहगंज, पुलिस लाइन, अर्जुन नगर, रुई की मंडी, गोकुलपुरा, गैलाना, दयालबाग, न्यू आगरा, नगला पदी, संजय प्लेस, लोहामंडी, जयपुर हाउस, सिरकी मंडी, ईदगाह समेत क्षेत्रों में लोगों को परेशान होना पड़ा। कड़ाके की ठंड में पड़ोसियों के घर लगे सबमर्सिबल पंप चलवाकर लोगों ने जरूरत का पानी भरा।

दक्षिणांचल के अधिकारियों को पत्र भेजा है। अगर उनके स्तर से निदान नहीं हो रहा है तो शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजें, पर वाटरवर्क्स की हर दिन की फाल्ट संबंधी समस्या दूर करें। पानी न मिलने पर जलकल के पास शिकायतें आती हैं। -अरुणेंद्र राजपूत, महाप्रबंधक, जलकल

सिकंदरा वाटरवर्क्स पर हर रोज फाल्ट हो रहे हैं। दक्षिणांचल की लापरवाही का खामियाजा आधा शहर उठा रहा है। इस मामले में नगर आयुक्त और डीएम को हस्तक्षेप करना चाहिए। -शरद चौहान, पार्षद

दो दिन पानी के लिए गैलाना, महर्षिपुरम समेत लॉयर्स कॉलोनी तक हमारे क्षेत्र के लोग परेशान रहे हैं। भूमिगत केबल डालने से समस्या का निदान हो सकता है लेकिन अधिकारी लोगों की समस्या देख ही नहीं रहे हैं। -मुकेश यादव, पूर्व पार्षद



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