कासगंज। जिले को जल्द ही दो नए बिजली उपसंस्थान की सौगात मिलने वाली है। ये उपसंस्थान सिढ़पुरा के ग्राम जासमई एवं सहावर के म्यासुर में बनाए जाएंगे। इन उप संस्थानों के बनने के बाद सहावर , गंजडुंडवारा कस्बा के अलावा आसपास के 60 ग्रामों के ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। शासन से इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी मिल गया है।
जिले की विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए शासन से लगातार प्रयास किए जा रहे है। शासन से इस साल कई सौगातें मिली है। किसान फीडर का अलग करने का काम इस समय चल रहा है। कासगंज क्षेत्र में तीन नए फीडर बनाने के लिए शासन से पहले ही बजट मिल चुका है। इसके अलावा जर्जर हाईटेंशन लाइन बदलने का बजट भी शासन दे चुका है। अब शासन से दो नए उप संस्थान को मंजूरी दी है। सिढ़पुरा के जासमई एवं सहावर के म्यांसुर के लिए इस समय सरावल, वीनपुर कला उप संस्थान से बिजली की आपूर्ति हुोती है। कुछ क्षेत्र में गंजडुंडवारा क्षेत्र से बिजली मिलती है। लंबी दूरी की लाइनें होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या रहती है। सहावर में भी वोलटेज की समस्या रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए दो उप संस्थान को शासन से मंजूरी दी गई है। इन दोनों उप संस्थान में पहले पांच पांच एमवी के ट्रांसफार्मर लगेंगे।इसके बाद जहां सरावल, वीनपुर कला उप संस्थान पर लोड कम होगा वहीं चिंहित स्थानों पर उप संस्थान बन जाने के बाद आस पास के 60 गांव के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। गंजडुंडवरा कस्बे में भी लोड घटने से आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में काफी कम बिजली आपूर्ति मिल पाती है, जिससे ग्रामीणों के सामने काफी समस्या रहती है। क्षेत्र में उपसंस्थान बनने से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। – अजय चौहान, ग्रामीण
इस समय क्षेत्र में काफी दूर के उपसंस्थानों से बिजली आपूर्ति दी जाती है, जिससे लोड अधिक होने से बिजली की समस्या रहती है। उपसंस्थान बनने से राहत मिलेगी। – उमाशंकर ग्रामीण
विद्युत उप संस्थान बनाने के लिए शासन से बजट मिल चुका है। निगम ने जमीन को चिंह्नित करने को कार्य पूरा कर लिया हे। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। – सुरेश चंद्र रावत, अधीक्षण अभियंता
