आगरा के किरावली क्षेत्र के कस्बा मिढ़ाकुर में मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे घर के सामने खेलते समय डेढ़ वर्षीय अयान पुत्र शकील आगरा-जयपुर हाईवे के किनारे बने करीब छह फीट गहरे नाले में गिर गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। काफी देर होने के बाद भी जब वह दिखाई नहीं दिया तो परिजन उसकी खोजबीन में जुटे। करीब 4 घंटे बाद नाले में उसका शव दिखा।
परिजन ने बताया कि बच्चे के लापता होने पर उसकी तलाश की जा रही थी। रात करीब 9:30 बजे अयान के ताऊ अफसर ने नाले में टॉर्च लगाकर देखा तो नाले में वह पड़ा दिखा। ग्रामीणों ने अयान को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। बेटे की मौत से घर में चीख पुकार मच गई।
बुधवार सुबह परिजन ने बगैर किसी कार्रवाई के शव को दफन कर दिया। ताऊ अफसर बताया कि अयान के पिता शकील भैंस की खरीद-फरोख्त का काम करते थे। एक वर्ष पूर्व ही सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। अयान अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बच्चों में सना (12), रिहान (10), इनाया (8), जियान (6) हैं। बेटे की मौत से मां नरगिस की रो-रोकर हालत खराब है।
खुला पड़ा है लोक निर्माण विभाग का नाला
मृतक अयान के ताऊ अफसर ने बताया कि यह नाला हाईवे किनारे है, जो खुला पड़ा है। कहा कि यदि नाला ढका होता तो शायद अयान की जान नहीं जाती। बताया कि पूर्व में गांव रूनकता में भी एक किशोर की नाले में गिरकर जान जा चुकी है। प्रधान के प्रतिनिधि मनु सोलंकी का भी कहना है कि सड़क किनारे सभी नाले ढके होने चाहिए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।
