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फतेहाबाद फोटो। कस्बा फतेहाबाद के सरकारी बस स्टैंड पर बंदरों का झुंड
– फोटो : Archive
फतेहाबाद। कस्बे की काॅलोनियों, गलियों, मोहल्लों और दफ्तरों के आसपास बंदरों की दहशत कायम है। लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थिति यह है कि घर के अंदर हो या बाहर, हर तरफ बंदरों के झुंड नजर आते हैं। हमलावर हो चुके बंदर लोगों पर हमला बोलकर उन्हें काट लेते हैं। सामान छीनकर ले जाते हैं। बच्चों में खासा खाैफ है।
कस्बे के पुरानी सब्जी मंडी बस स्टैंड, शिवाजी नगर, चौराहा मोहल्ला, अंबेडकर चौक, बाग कॉलोनी और जमुना गली समेत विभिन्न मोहल्लों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों के झुंड की मौजूदगी के कारण लोगों ने अपने घरों की छत पर जाना लगभग बंद कर दिया है। गलियों में बंदरों का झुंड हर समय लगा रहता है, जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल या ट्यूशन भेजने से कतराने लगे हैं। अकेला पाकर बंदर अक्सर बच्चों और राहगीरों पर हमला कर देते हैं।
बंदर राहगीरों से सामान और खाने-पीने की चीजें छीनने के साथ-साथ कई लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं। स्थानीय लोगों की मानें, तो बंदरों के इस प्रकोप का असर केवल इन्सानों पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने मोहल्लों और घरों के आसपास पौधे रोपे थे। पेड़ों को बंदरों ने तहस-नहस कर दिया है। कस्बे के लोगों ने तहसील प्रशासन से बंदरों को जंगल में छुड़वाने की मांग की है।

