आगरा नगर निगम के करीब 23 पार्षदों ने महापौर हेमलता दिवाकर को पत्र लिखकर विशेष सदन बुलाने की मांग की है। पार्षदों का आरोप है कि जलकल विभाग ने सदन में पास हुए फैसले के खिलाफ जलकल के बिलों की मनमानी वसूली जारी रखी है। पार्षद प्रकाश केशवानी, रवि माथुर आदि ने आरोप लगाया कि जलकल विभाग गलत बिल भेजकर लोगों को प्रताड़ित कर रहा है।
विभाग दावा कर रहा है कि जब से नगर निगम ने एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) बढ़ाई है, जलकल विभाग उसे लागू नहीं कर सका। अब जब उसे लागू किया गया है, तो लोगों से उसी के अनुसार बकाया वसूली के लिए डिमांड बिल भेजे जा रहे हैं। पार्षद प्रकाश केसवानी के विशेष सदन बुलाने के प्रस्ताव को पार्षद रवि माथुर, अनुराग चतुर्वेदी, शरद चौहान, हेमंत प्रजापति, राकेश जैन समेत 23 पार्षदों ने समर्थन दिया है। पार्षदों की मांग पर पिछले सदन की बैठक के दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने एआरवी के आधार पर ही बकाया बिल वसूली की बात स्वीकारी थी।
हालांकि सदन में हामी भरने के बाद जलकल महाप्रबंधक ने नगर आयुक्त से चर्चा के बाद शासन से इस संबंध में मार्गदर्शन के लिए पत्राचार शुरू कर दिया। इसी से नाराज पार्षदों ने विभाग की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों के प्रस्ताव पर फैसला महापौर को लेना है। महापौर सदन की मंजूरी देती हैं तो जलकल विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
