औरंगजेब के शासनकाल के दौरान हिंदुओं और किसानों पर हुए अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष करने वाले किसान नायक वीर गोकुला जाट की कोतवाली में प्रतिमा एवं शिलालेख स्थापित किया जाएगा। मंगलवार को सांसद राजकुमार चाहर और महापौर हेमलता दिवाकर ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के साथ कोतवाली क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रतिमा के स्थान को निर्धारित किया। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को प्रतिमा लगाने के लिए कागजी कार्रवाई जल्द पूरी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
नेताओं ने कहा कि किसानों पर अनैतिक कर थोपे गए तो वीर गोकुला जाट ने लगभग 20 हजार किसानों की सेना तैयार कर सशस्त्र संघर्ष छेड़ा। युद्ध के दौरान वीर गोकुला जाट को गिरफ्तार कर आगरा की कोतवाली में बंदी बनाया गया। उनपर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
इसी के चलते उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं और वह बलिदान हो गए। गोकुला जाट के साथ उनके चाचा उदय सिंह ने भी बलिदान दिया। सांसद ने कहा कि वीर गोकुला जाट केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि किसानों और सनातन धर्म के स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को साहस और संघर्ष की प्रेरणा देगी।
