कासगंज। जिले में जानलेवा बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। एक मासूम की डेंगू से मौत हो गई। जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 29 पर पहुंच गया। वहीं छह मरीजों में डेंगू व दो मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई। जिला अस्पताल पर मरीजों की कतार लगी रही। निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की काफी भीड़ रही। गंजडुंडवारा निवासी सनी (5) पुत्र गुड्डू को तीन दिन पहले बुखार आया। परिजन निजी चिकित्सक के पास ले गए। उसके डेंगू की पुष्टि हुई। राहत न मिलने पर परिजन मंगलवार को सुबह मेडिकल कालेज एटा ले गए, लेकिन रास्तें में ही उसकी मौत हो गई।
दुर्गा काॅलाेनी निवासी भारती (32) को बुखार की शिकायत होने पर परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसकी रक्त की जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हो गई। अमांपुर के अलीपुर बरबारा खाम निवासी रामवती (50), अफजल थोक निवासी रूमा देवी (50), शुभम (24), गंजडुंडवारा के मस्तीपुर निवासी शिवकुमार यादव (30), सोरोंजी निवासी सरोज (40) को बुखार की शिकायत होने पर परिजन निजी चिकित्सकोंं के पास ले गए। जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।
जिला अस्पताल पर मरीजों की कतार लगी रही। 1858 मरीज अस्पताल पर आए। जिससे मरीजों की कतार लग गई। काउंटर पर पर्चा बनवाने में मरीजों को काफी दिक्कतें हुई। सबसे अधिक भीड संक्रामक रोग विभाग में रही। अस्पताल पर 350 मरीज बुखार से पीड़ित होकर आए। इन मरीजों में बुखार की शिकायत पर रक्त की जांच कराई गई। 167 मरीजों की डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड की जांच हुई। जिससे मरीजों को अपनी रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पडा। इसके अलावा डायरिया के 45, सांस के 75 मरीज अस्पताल पर आए।
इस समय मौसम का मिजाज बदल रहा है। मच्छरों को काफी प्रकोप है। मच्छरों से बचाव करना आवश्यक है। खान पान पर भी पूरा ध्यान दें। अस्पताल पर इलाज के पर्याप्त इंतजाम है- डाॅ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
