संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

Updated Sun, 22 Oct 2023 01:21 AM IST

कासगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित पात्र को आवास आवंटन न होने की शिकायत को स्थायी लोक अदालत ने गंभीरता से लिया। इस पूरे मामले की सुनवाई करते हुए स्थाई लोक अदालत ने तत्कालीन बीडीओ, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही 30 दिन में पात्र का नाम सूची में शामिल कर आवास आवंटन करने के निर्देश दिए।ग्राम पंचायत बाहिदपुर माफी के खेलन देवी ने वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया था। वर्ष 2017 की सूची में उनका नाम छुट गया था, लेकिन वर्ष 2018 की सूची में उनका नाम शामिल कर लिया गया। खेलन देवी का नाम सूची में तीसरे नंबर पर था, लेकिन उन्हें आवास आवंटन नहीं किया। जबकि क्रमांक 16 तक के व्यक्ति को आवास आवंटित किया गया। खेलन देवी आवास के लिए बार बार ग्राम प्रधान, बीडीओ के पास चक्कर काटती रहीं, लेकिन उन्हें आवास नहीं मिला। बाद में वह स्थाई लोक अदालत की शरण में पहुंची। जहां पूरे मामले की स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद, सदस्य बसंत शर्मा एवं डा. सपना अग्रवाल ने मामले में सुनवाई की। लोक अदालत ने निर्णय लेते हुए कहा कि खेलन देवी का नाम पात्रता के आधार पर आवास सूची में तीस दिन के अंदर शामिल किया जाए ओर शासन के अनुमोदन के पश्चात नियमानुसार आवास का आवंटन करें। उन्होंने कहा कि पीडि़ता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसके लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान बाहिदपुरमाफी 15-15 हजार रुपये का जुर्माना अदा करें।



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