आगरा में ताज सुरक्षा पुलिस ने शनिवार को बिछड़ी बुजुर्ग महिला और एक मासूम को 30 मिनट के भीतर ही उनके परिवार से मिला दिया। ये महाराष्ट्र के दो अलग-अलग जगहों से आए थे।
आगरा में ताज सुरक्षा पुलिस ने शनिवार को बिछड़ी बुजुर्ग महिला और एक मासूम को 30 मिनट के भीतर ही उनके परिवार से मिला दिया। ये महाराष्ट्र के दो अलग-अलग जगहों से आए थे।
रास्ता भटक गई थीं बुजुर्ग महिला
महाराष्ट्र के नागपुर निवासी दिगेश्वर चौरे अपने परिवार और 77 वर्षीय मां सुशीला देवी के साथ ताज का दीदार करने आए थे। स्मारक के भीतर भीड़ अधिक होने से सुशीला देवी बिछड़ गईं। रास्ता भटक कर वह गलती से दक्षिण गेट से बाहर निकल गईं। हनुमान पार्क बैरियर पर तैनात उप निरीक्षक उदल सिंह यादव ने उन्हें परेशान देखकर पूछा तो रो पड़ीं। तुरंत रेडियो अनाउंसमेंट पर सूचना प्रसारित कर पुलिस ने उनके बेटे दिगेश्वर को खोज निकाला।
पश्चिमी गेट पर घबराया दिखा मासूम
नासिक निवासी रामदास अठावले का परिवार ताज देखने आया था। ताजमहल देखने के बाद उनकी पुत्री नयनतारा और 5 वर्षीय बेटा गौरांश भूलवश पश्चिमी गेट से बाहर निकल आए। परिवार के अन्य सदस्य पूर्वी गेट से निकलकर शिल्पग्राम पार्किंग पहुंच गए। काफी देर तक भटकने पर मां-बेटा घबरा गए। पश्चिमी गेट पर तैनात क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत वायरलेस संदेश प्रसारित किया और शिल्पग्राम के पास मौजूद परिजन से मिलवा दिया।