संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 24 Oct 2023 11:39 PM IST
कासगंज। रामलीला में मंगलवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। राम ने बुराई के प्रतीक रावण का वध किया। अग्निवाण से रावण के पुतला के फूंकते ही भक्त भगवान राम के जयकारे लगाने लगे। जय श्रीराम के जयकारे से मंच स्थल गूंज उठा। दशहरा के मौके पर रामभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मेला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
युद्ध में मेघनाथ व कुंभकरण के मारे जाने के बाद रावण स्वयं युद्ध के मैदान में आ गया। राम और रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ। रावण रथ पर युद्ध कर रहा था और राम बिना रथ के थे। भगवान इंद्र ने अपना रथ राम के लिए भेजा। राम ने उस पर सवार होकर लंकेश से युद्ध किया। जब रावण के शीश कटने के बाद फिर से नया शीश निकलने लगे तो राम चिंता में डूब गए। उन्होंने विभीषण से रावण को मारने का राज पूछा। विभीषण ने बताया कि लंकेश की नाभि पर प्रहार किया जाए। राम ने नाभि में अग्नि बाण मारकर रावण का अमृत सूखा दिया जिससे उसका अंत हो गया। रावण के विशालकाय पुतले को आग के हवाले किया गया। पुतला देखते ही देखते धू धू कर जल गया। इसी के साथ ही आतिशबाजी के तेज धमाके सुनाई देने लगे। ।पुतले में लगी आतिशबाजी का दर्शकों ने भरपूर लुत्फ लिया।
