पटियाली। तहसील क्षेत्र के ग्राम सनौडी खास में राजकीय पशु चिकित्सालय पर ताला लटका रहता है। चिकित्सक न होने के कारण चिकित्सालय नहीं खुल पा रहा है। पशु पालकों को खासी दिक्कतें होती है। पशुपालकों ने राजकीय पशु चिकित्सालय को खुलवाने की मांग जिलाधिकारी से की है।

ग्रामीणों का कहना है कि राजकीय पशु चिकित्सालय तो बना है, लेकिन पशुपालकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों को पशुओं के बीमार होने पर निजी चिकित्सकों के पास जाना होता है। जिससे इलाज महंगा पड़ता है। पशु चिकित्सालय पर व्यवस्था सुदृढ़ हों तो क्षेत्र के लगभग 30 गांवों के पशुपालकों को इसका लाभ मिल सकेगा। पशु चिकित्सालय के बंद रहने से गांव के कुछ ग्रामीणों ने अपने उपले रख लिए हैं और पशुओं के चारे के पूले भी लगा दिए है।

ग्रामीण पंडित ललित मिश्रा का कहना है कि गांव के राजकीय पशु चिकित्सालय का प्रतिदिन खुलना जरूरी है। जिससे बीमार पशुओं का उपचार पशुपालक समय से करा सकें। ग्रामीणों को निजी डाक्टर से महंगा इलाज न कराना पड़े। मांग करने वालों में संजीव कुमार, अनूप शाक्य, रूपेश कुमार, विकेश द्विवेदी, सौरभ कुमार, रजनीश कुमार, जितेंद्र कुमार सहित अन्य पशुपालक शामिल हैं।

विकास खंड पर एक ही पशु चिकित्सक है। विकास खंड स्थित पशु चिकित्सालय और राजकीय पशु चिकित्सालय सनौड़ी खास दोनों का चार्ज एक चिकित्सक पर हैं। जिससे कभी कभी चिकित्सालय बंद रहता है। शीघ्र पशु चिकित्सालय को खुलवाने का प्रयास किया जाएगा। – विजयवीर चंद्रियाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।



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