कासगंज। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बालिका आत्मरक्षा कार्यक्रम के तहत जिला ग्राम्य विकास संस्थान में छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन साइबर बुलिंग पर चर्चा की गई। बालिकाओं को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निजी सूचनाएं साझा न करने के प्रति सतर्क किया गया। इस दौरान व्यायाम शिक्षकों एवं अनुदेशकों को भी प्रशिक्षण दिया गया।
पीटीआई मुनेश राजपूत ने कहा कि किसी के खिलाफ दुर्भावना से अफवाहें फैलाना, नफरत फैलाना या बदनाम करना साइबर बुलिंग की इसी श्रेणी का अपराध है। इंटरनेट के माध्यम से गलत फोटो, गलत भाषा या फेक न्यूज़ आदि का इस्तेमाल करते हुए किसी भी व्यक्ति को डराना, धमकाना, उसे टॉर्चर करना या उसे गलत दिशा में भटकाना आदि साइबर बुलिंग के तहत आता है।
इससे बचने के लिए बालिकाओं को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। इसी के साथ सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपनी निजी सूचना जैसे जन्म, तिथि, पता और फोन नंबर भी साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बालिकाएं किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अपने साथियों के साथ एक जुट होकर उसका मुकाबला करें। प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने व्यायाम, योगासन, प्राणायाम आदि भी सिखाया। बालिका छेड़छाड़ पर वायरल वीडियो दिखाया गया। इस दौरान जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ नरेंद्र पाल सिंह, प्रशिक्षक अभिषेक बारी विजय सिंह, मोहर सिंह, उर्वशी राजपूत, इंद्रेश राजपूत, पीटीआई दीनदयाल सिंह, भारतेंदु कुमार, अजय पाल सिंह, देवेंद्र सिंह पुष्पेंद्र कुमार सोमेंद्र कुमार के अलावा जनपद के समस्त अनुदेशक उपस्थित रहे।
