मैनपुरी। जिले में अभी बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा था। अब बुखार के साथ ही निमोनिया और दमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। पिछले 24 घंटे में बुखार से पीड़ित बालिका और वृद्ध की मौत हो गई। वहीं सांस लेने में दिक्कत के चलते तीन अन्य मरीजों ने दम तोड़ दिया।

मंगलवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 27 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें 17 बुखार और अन्य दमा व निमोनिया से पीड़ित हैं। बिछवां थाना क्षेत्र के गांव नगला भूटा निवासी बृजेश कुमार की पांच साल की पुत्र नित्या को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

थाना बिछवां क्षेत्र के गांव नेकपुरा निवासी 60 वर्षीय जोर सिंह को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

थाना बेवर क्षेत्र के गांव मुड़ई कल्यानपुर निवासी 56 वर्षीय विनय यादव को सोमवार को परिजन ने निमोनिया के कारण सांस लेने में दिक्कत के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। बेवर के गांव करपिया निवासी 70 वर्षीय बाबू सिंह को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण मंगलवार को परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर के मोहल्ला अग्रवाल निवासी राजेंद्र सिंह की 65 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी को दमा की मरीज थीं। उनका परिजन एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर मंगलवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जिन मरीजों की मौत उपचार के दौरान हुई है उन्हें अंतिम समय में ही अस्पताल लाया गया था। उन्हें हर संभव उपचार दिया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। तीन मरीज मृत अवस्था में ही अस्पताल लाए गए थे।

डॉ. मदनलाल, सीएमएस



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