कासगंज। आरएसएस के स्थापना दिवस एवं विजय दशमी के मौके पर आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने शस्त्र पूजन कार्यक्रम एवं पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सेवकों ने हिस्सा लिया। प्रभुपार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शस्त्रों का पूजन किया। आरएसएस के मुख्य वक्ता एवं सह प्रांत बौद्धिक प्रमुख सुभाष ने कहा कि भारत की संस्कृति उत्सवों की संस्कृति है। जिन्हें संघ समय-समय पर मनाता है।

कहा कि त्रेता युग में भगवान राम ने रावण का वध करके बुराई पर विजय प्राप्त की थी। अधर्म के नाश के लिए धर्म की विजय के लिए यह युद्ध लड़ा गया। भारतीय संस्कृति में शक्ति का विशेष महत्व है। अफगानिस्तान तक भारत का भूभाग रह चुका है। मलेशिया, इंडोनेशिया आदि देश हमारे भूभाग का हिस्सा रहे हैं। भारत ने तलवार के बल पर नहीं बल्कि संस्कृति के बल पर कार्य किया है। एक हजार वर्ष पहले से हम शक्ति को भूल गए। जिसका परिणाम समय-समय पर गुलामी के रूप में भोगना पड़ा। इजराइल और हमास के युद्ध की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमास के आतंकियों ने खुलेआम निर्दोष लोगों पर हमला किया। जो आतंक का समर्थन करता है वह आतंकवाद का पोषक है और आतंकवादी है। समाज का संगठित रहना जरूरी है। जो समाज संगठित नहीं रहता वह मिट जाता है। कार्यक्रम अध्यक्ष डाॅ. अमित ने कहा कि सभी को राष्ट्र हित में कार्य करना चाहिए।

बौद्धिक सत्र में अन्य आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वयं सेवकों का मार्गदर्शन किया। इसके पश्चात प्रभुपार्क से आरएसएस का पथ संचलन स्वयं सेवकों के द्वारा किया गया। पथ संचलन ने नगर के मालगोदाम रोड, रेलवे रोड, गांधी मूर्ति, बारहद्वारी सहित परंपरागत मार्गों पर भ्रमण किया। भ्रमण के पश्चात प्रभुपार्क पर आकर पथ संचलन का समापन हुआ। नगर प्रचार प्रमुख विनीत ने बताया कि कि हर साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वरा विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक एकजुटता का संदेश देते हैं और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रदर्शित करते हैं। रेलवे रोड, गंगादेवी धर्मशाला पर माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने पथसंचलन के दौरान स्वयं सेवकों पर पुष्पवर्षा की। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक मोहित रहे। एकल गीत वंश गौड़ ने प्रस्तुत किया।

स्वयंसेवकों ने सफेद शर्ट, खाकी पैंट, सर पर काली टोपी और हाथ में डंडा लेकर शहर भ्रमण किया। आनक, ड्रम, झांझ, वंशी, समेत घोष के विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर घोष की आवाज भी गुंजायमान रही। भारत माता के जयकारे देशभक्ति के उद्घोष गुंजतें रहे। विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर पद संचलन का स्वागत किया। संघ का घोषदल भी आकर्षण का केंद्र रहा। घोष की धुन पर सभी एक साथ कदम मिलाते हुए चल रहे थे। कार्यक्रम में विभाग संघचालक उमा शंकर, विभाग प्रचारक कुलदीप, अमलेंदु शर्मा, जिला प्रचारक संदीप, जिला प्रचार प्रमुख सुनील, नगर प्रचारक दिलीप, सह नगर संघचालक कौशल, दीपराज, जुगेंद्र, मयंक बिंदल, अनिल पुंढीर, आर्येंद्र, वैभव राणा, गोविंद राणा, माधव राणा हिमांशू, अवधेश, रमेश गोला, अंकित जैन ,अनिरूद्ध शर्मा, आदित्य, शिवांशु सहित बड़ी संख्या में स्वयं सेवक मौजूद रहे।



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