संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 17 Oct 2023 11:54 PM IST
कासगंज। किसानों की धान की फसल तैयार हो चुकी है। किसान अपना तैयार धान लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन पिछले तीन दिनों में धान की कीमत में 500 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। बासमती धान के बाहर के निर्यातकों ने धान की खरीद बंद कर दी है। अब केवल स्थानीय मिलर्स और आढ़ती ही धान की खरीद कर रहे हैं। जिससे किसानों को नुकसानों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान धान का उत्पादन करते हैं। इस 36 हजार हेक्टेयर में बासमती धान की पैदावार करीब 17 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है। शेष क्षेत्रफल में मोटे धान के अलावा अन्य प्रजातियों का धान पैदा किया जाता है। बासमती धान की अच्छी पैदावार होने के कारण बासमती धान का निर्यात करने वाले निर्यातकों को आढ़तियों के माध्यम से बेचा जाता है। गत वर्ष तक निर्यात का न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 रुपये था। जिसे बढ़ाकर 1200 डालर प्रतिटन कर दिया गया। जिसका विरोध बासमती धान निर्यातक कर रहे हैं। विरोध के कारण उन्होंने मंडियों में धान की खरीद बंद कर दी है। अब केवल स्थानीय मिलर्स और आढ़ती ही धान की खरीद कर रहे हैं, लेकिन यह खरीद कम मूल्य पर की जा रही है। 4 दिन पूर्व मंडी में 3450 रुपये से 3500 रुपये प्रति क्विंटल सुगंधा बासमती धान बिक रहा था। जो अब 3000 से लेकर 3050 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। मंडी में बासमती धान की शुरुआती आवक 5 से 6 हजार क्विंटल प्रतिदिन की थी। जो अब घटकर ढाई से तीन हजार क्विंटल प्रतिदिन की रह गई है। मूल्य गिरने से किसानों ने भी धान रोक लिया है। केवल जरूरतमंद किसान ही धान लेकर पहुंच रहे हैं।
सरकारी क्रय केंद्रों पर मूल्य बाजार से भी कम है
कासगंज। सरकारी क्रय केंद्र पर बासमती धान ए ग्रेड के रूप में खरीदा जाता है। इसका सरकार समर्थन मूल्य 2203 रुपये प्रति क्विंटल का है। जो बाजार मूल्य से काफी कम है। क्रय केंद्र पर मोटे धान के उत्पादक किसान ही धान लेकर पहुंच रहे हैं।
