आगरा के थाना लोहामंडी के खातीपाड़ा में रविवार रात जूता फैक्टरी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। केमिकल से आग भड़कने के डर से स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। संकरी गली में फैक्टरी होने के कारण दमकल नहीं पहुंच सकी, इस पर दमकलकर्मियों ने पाइप जोड़कर आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने संचालक पर बिना मानकों के फैक्टरी संचालित करने का आरोप लगाया है।
लोहामंडी के खातीपाड़ा निवासी जुएब घर के पास ही आरएम इंटरप्राइजेज नाम से जूता फैक्टरी संचालित कर रहा है। रविवार रात 11 बजे फैक्टरी बंद होने पर भी उसमें आग लग गई। फैक्टरी के अंदर केमिकल और भारी मात्रा में चमड़ा और अन्य सामान रखा हुआ था। इस वजह से आग विकराल हो गई। सूचना पर पुलिस और फायरब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन संकरी गली मे संचालित फैक्टरी तक दमकल नहीं पहुंच पाई। फायर कर्मियों ने पानी के पाइपों को जोड़ कर लंबा किया और आग पर काबू पाया। दमकल की दो गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डी.के सिंह ने बताया कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। संचालक से फैक्ट्री के एनओसी समेत अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं। अनुमति नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोसियों की अटकी रही सांस
खातीपाड़ा निवासी जावेद का आरोप है कि फैक्टरी संचालक पांच साल से इसे संचालित कर रहा है। केमिकल और चमड़े का भंडार होने से आग लगने का डर लगा रहता है। डर था कि कहीं उनके मकान भी चपेट में नहीं आ जाएं। संचालक को समझाने पर वह लड़ने लगता है।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जूते की फैक्टरियों में आग की गई भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं। अग्निशमन विभाग कार्रवाई की बात कहता है। पर जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसके चलते रिहायशी क्षेत्रों में लगातार फैक्टरी और गोदाम संचालित होते रहते हैं।
– मार्च में बिचपुरी रोड स्थित जूता सोल फैक्टरी और उसके गोदाम में भीषण आग लगी। ज्वलनशील पदार्थों के कारण लगी आग से लाखों का नुकसान हुआ।
– जनवरी में थाना नाई की मंडी की नेहरा गली में किराए के कमरे में चल रहे जूता कारखाने में आग लग गई। सारा सामान जलकर राख हो गया, परिजन सुरक्षित रहे।
– जून 2025 में सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया में कृपान फोर्ट इंडस्ट्री नामक फैक्ट्री के ऊपरी हिस्से में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जो पीछे की ओर तक फैल गई थी।
