कासगंज/सोरोंजी। शरद पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने गंगाघाटों पर पहुंचकर गंगा स्नान किया। कछला गंगाघाट, हरि की पौड़ी, लहरा गंगाघाट, कादरगंज गंगाघाट पर ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया, मां गंगा का चुनरी मनोरथ कर आरती उतारी।तीर्थनगरी के हरि की पौड़ी व लहरा गंगा घाट पर राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, दिल्ली एवं अन्य आस पास के जनपद के श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थ पुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया। तीर्थ पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराए। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से टेसू झांझी लाकर गंगा में विसर्जित किए। गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की व सूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया। परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को अनाज, कपड़े आदि दान किए। श्रद्धालुओं ने भगवान वराह मंदिर, रघुनाथजी, बालाजी दरबार, मानस मन्दिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, सिद्ध विनायक, श्याम वराह मन्दिर, द्वारिकाधीश, गंगा माता, पंचमहाशक्ति मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए। शनिवार से शूकर क्षेत्र में कार्तिक मास का स्नान भी प्रारंभ हो गया। मान्यता है कि पद्म पुराण के अनुसार मास पर्यंत शूकरक्षेत्र में गंगा स्नान के बाद सूर्यदेव की उपासना करने से सब प्रकार के पाप ताप दुख दूर हो जाते हैं। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ के दबाव के चलते गंगाघाटों पर पुलिस तैनात रही। वहीं श्रद्धालुओं के वाहन के दबाव के चलते जाम की स्थिति बन गई।



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