कासगंज। शरद पूर्णिमा पर खीर में चंद्रमा की अमृत किरणों की वर्षा के लिए इस बार श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। शरद पूर्णिमा पर 30 साल बाद खगोलीय घटना होने जा रही है। इस शरद पूर्णिमा पर शनिवार को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। ग्रहण का असर एक घंटा 18 मिनट तक रहेगा।

ग्रहण को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखाई दी। धार्मिक मान्यता से जुडे लोगों ने ग्रहण को देखते हुए सूतक विचार, खीर भोग, उपवास आदि के बारे में जानकारी की। ग्रहण के राशि पर असर, उपाय आदि के बारे में भी जानकारी की। जिससे यदि ग्रहण का राशि पर बुरा असर हो तो उससे बचने के लिए उपाय किए जा सकें।

ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट बताते हैं कि शरद पूर्णिमा पर 30 साल बाद ग्रहण का संयोग बन रहा है। इस दिन गज केसरी, बुधादित्य योग, शश, सौभाग्य, सिद्धि, मंगल आदित्य योग का संयोग रहेगा। एक साथ इतने योग काफी फलदायक हैं।

पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि इस दिन खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह चंद्रग्रहण अश्विनी नक्षत्र (जिनका नाम चू, चे, चो, ला वर्ण से आरंभ होता है) एवं मेष राशि वालों को रोग, कष्ट, पीड़ा आदि प्रदायक है, इसलिए ग्रहण के दर्शन न करें। इस दिन उपवास रखने वाली महिलाएं उग्रहण के बाद ही स्नान कर चंद्रमा को अर्ध्य देकर व्रत खोल सकेंगी,। उग्रहण होने के बाद स्नान करके ही खीर तैयार करके चंद्रमा की रोशनी में यानि रात्रि 2.23 बजे के बाद रखी जा सकेगी। सूतक शाम 04 बजकर 05 मिनट से प्रारंभ हो जाएंगे तथा विरल छाया प्रवेश रात्रि 11 बजकर 32 मिनट पर होगा। इस ग्रहण के प्रभाव से पशुओं में बीमारी, मनुष्यों में झगड़े हों, प्रत्येक प्रकार के अन्न में मंदी हो, तूफ़ान, अच्छी वर्षा, सरसों, अलसी, गुड़, शक्कर, सोना, चांदी, शेयर, घी, रुई, मसूर, खांड, वनस्पति, रसदार पदार्थ व सूत में तेजी होगी।



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