मेट्रो और जल निगम की खुदाई से एक तरफ शहर जाम से जूझ रहा है। दूसरी तरफ एमजी रोड, माल रोड, फतेहाबाद रोड और हाईवे तक सड़क, फुटपाथ और सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। हरियाली नष्ट हो गई। मंगलवार को मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों की बैठक में लापरवाही बरतने और मरम्मत में लीपापोती पर मेट्रो और जल निगम अधिकारियों को फटकार लगाई।
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने जल निगम और मेट्रो कार्यों के दौरान यातायात प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने मेट्रो अधिकारियों से कहा कि जहां कार्य पूर्ण हो चुका है, बैरिकेडिंग हटाएं। सड़क को आवागमन के लिए सुचारू किया जाए। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि मेट्रो निर्माण से एमजी रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। कई जगह हरियाली नष्ट हो चुकी है। सीवर लाइन टूट गई हैं।
मंडलायुक्त ने एमजी रोड और माल रोड के लिए मेट्रो, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी टीम को संयुक्त रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि फतेहाबाद रोड पर क्षतिग्रस्त सड़क व फुटपाथ की मरम्मत गुणवत्ता के साथ कराएं। संयुक्त टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि फतेहाबाद रोड पर जल निगम ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत खुदाई कराई। अब मरम्मत के नाम पर लीपापोती की जा रही है। मंडलायुक्त ने नगरायुक्त और पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता से संयुक्त रूप से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। दयालबाग और लोहामंडी में खुदाई के बाद गड्ढे खुले छोड़ देने से जाम और प्रदूषण की समस्या पर मंडलायुक्त ने जलनिगम इंजीनियरों को फटकार लगाई। चेतावनी दी कि कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।
नगर निगम के निरीक्षण में कमियां आईं तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मंडलायुक्त ने पीडब्ल्यूडी को नंद टाकीज से मधुनगर मार्ग और एमजी रोड पर गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं।
