संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

Updated Wed, 20 Dec 2023 12:16 AM IST

कासगंज। धर्मजागरण के प्रांत प्रमुख दिनेश लवानिया ने का कहना है कि सोरोंजी शूकरक्षेत्र सतयुग काल से देश का सबसे बड़ा तीर्थस्थल रहा है। पूरे देश की श्रद्धा इस स्थान से जुड़ी है। यहां पंचकोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। बड़ी संख्या में देश भर के प्रमुख संत परिक्रमा में हिस्सा लेने आएंगे। वे मंगलवार को संघ के विभाग संघ चालक उमाशंकर शर्मा के प्रतिष्ठान पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया से रू-ब-रू थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह परिक्रमा समाज की परिक्रमा है। किसी संगठन की नहीं। अब तक इस संबंध में एटा और कासगंज में 500 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 23 दिसंबर को परिक्रमा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि सोरोंजी शूकर क्षेत्र में मथुरा की तरह माहौल होना चाहिए। जिससे मथुरा, वृंदावन में श्रद्धालु पहुंचते हैं उसी तरह से यहां भी श्रद्धालु पहुंचे। पांच लाख लोगों को परिक्रमा में शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया है। देश के साधू संतों को आमंत्रण भेजा गया है। पंचकोसी परिक्रमा को सामाजिक सद्भाव यात्रा का नाम दिया गया है। विभाग संघचालक उमाशंकर शर्मा ने कहा कि प्रत्येक एकादशी को सोरोंजी में पंचकोसी परिक्रमा लगती है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा में श्रद्धालु पहुंचेंगे तो सोरोंजी के विकास का मार्ग खुलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग भी सक्रिय है। लगातार पर्यटन विभाग के साथ समन्वय बैठक की जा रही है। संघ के बौद्धिक प्रमुख एवं परिक्रमा संयोजक डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने भी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री विनयराज पन्नू, विभाग प्रचारक कुलदीप मौजूद रहे।



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