मौसम खराब होने का ज्यादा असर बुधवार को एमजी रोड पर दिखा। सड़क पर बारिश का पानी, जलभराव के कारण दिन भर वाहन रेंगते दिखे। सात किमी के सफर को पूरा करने में लोगों को 70 मिनट से अधिक समय लगा। जाम में फंसकर स्कूली बच्चे, अभिभावक और आम राहगीर खीझते रहे। इस दौरान स्थानीय पुलिस, मेट्रो के मार्शल कहीं नजर नहीं आए। चंद यातायात कर्मियों से व्यवस्थाएं नहीं संभली और वाहन चालक परेशान होते रहे।
एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के कारण लगने वाले जाम से राहत के लिए किए गए प्रयास बारिश होने से राहगीरों के लिए आफत बन गए हैं। एमजी रोड को चौड़ा करने के लिए सड़क पर बनी नालियों को पहले ही बंद करवा दिया गया है। फुटपाथ तोड़ कर मार्ग को चौड़ा किया गया पर पक्की सड़क नहीं बनाई गई है।
मेट्रो निर्माण के चलते बैरिकेडिंग के अंदर मिट्टी है। बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मंगलवार दिन और रात जमकर बारिश हुई। टूटे हुए फुटपाथ और मेट्रो निर्माण के दौरान निकली मिट्टी सड़क पर कीचड़ में बदल गई। किनारों पर और गड्ढों में पानी भरने से और समस्या हो गई। वाहनों के निकलने के लिए जगह और संकुचित होने से वाहन निकालना मुश्किल हो गया।
साईं की तकिया से कलेक्ट्रेट तक दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रहीं। इसके अलावा धाकरान चौराहा, पंचकुइयां से एसएन मेडिकल काॅलेज तिराहा, राजा की मंडी, सेंट जोंस चौराहे तक वाहन निकालना टेढ़ी खीर बन गया। हरीपर्वत से स्पीड कलर लैब चौराहा की ओर नगर निगम ने फुटपाथ तोड़ा है। सड़क से नीचा हाेने के कारण यहां पानी भरने से फिसलन हो गई थी। वाहन निकालने के दौरान कई वाहन फिसलने से चालक चोटिल हो गए।
सूरसदन से दीवानी चौराहा तक सड़क किनारे पानी भरा हाेने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को गाड़ी निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के आदेश के बाद भी थाना पुलिस कहीं भी जाम लगने से रोकने में सहयोग करती नहीं दिखी और मेट्राे की ओर से तैनात मार्शल भी नहीं नजर आए।
हाईवे पर भी रहा जाम
दिल्ली हाईवे पर आईएसबीटी, भगवान टॉकीज चौराहा, सुल्तानगंज की पुलिया, रामबाग, वाटरवर्क्स चौराहा पर बसों के संचालन के कारण लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा। फ्लाईओवर से पानी टपकने के कारण नीचे से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। कामायनी तिराहा से लेकर रामबाग तक सड़क किनारे कई जगह जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई।
