धूल भरे गुबार, पथरीले रास्ते, जंगलों की खामोशी, ऊंचे-नीचे और संकरे रास्तों के बीच तीन दिनों तक चली शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा रविवार को पूरी हो गई।



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