आगरा। जिला जेल में शनिवार को धार्मिक कार्यक्रम हुआ। इसमें अतिथि बनकर कमला नगर का हिस्ट्रीशीटर मनोज अग्रवाल पहुंच गया। अधिकारियों ने पटका और स्मृति चिह्न देकर उसका वीआईपी स्वागत किया। शनिवार को सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर सफाई दी जा रही है। कहा जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर होने की जानकारी नहीं थी। मामले में विभागीय स्तर पर जांच हो सकती है।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि भारतीय हिंदू सेवा ट्रस्ट की प्रदेश अध्यक्ष राखी अग्रवाल की ओर से हरियाली तीज से पहले धार्मिक आयोजन की अनुमति मांगी गई थी। बंदियों के उत्थान के लिए यह आयोजन करने का आग्रह किया। इस पर अनुमति दी गई थी। कार्यक्रम में मंडली के साथ ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग शामिल होने आए थे। इनमें कौन-कौन था? इस बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। ट्रस्ट पंजीकृत है।
अधिकारियों से बढ़ा रहा नजदीकी
चर्चा है कि मनोज अग्रवाल जेल में समाजसेवी बनकर जाता था। इससे उसकी नजदीकियां अधिकारियों के साथ बढ़ गईं। कार्यक्रम के दौरान उसको जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने पटका भी पहनाया। स्मृति चिह्न भी दिया। इस दौरान मोबाइल से फोटो भी खींचे गए। अब यह वायरल हो रहे हैं।
बृज विहार चौकी के बोर्ड में नाम
थाना कमला नगर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मनोज अग्रवाल का नाम बृज विहार चौकी की हिस्ट्रीशीट संख्या 1-बी में दर्ज है। उसका बोर्ड में पांचवें नंबर पर नाम है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में एक महिला ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। जमीन के नकली कागजात लगाकर बैंक से लोन लेने का आरोप था।
कई और लोग भी नामजद किए गए। बैंक कर्मी भी शामिल थे। वह जेल भी भेजा गया था। इसके अलावा भी मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में उसने सुल्तानगंज पुलिया पर पुलिसकर्मियों से अभद्रता की थी। खुद को पुुलिस बूथ में बंद कर लिया था। एक पार्टी भी जॉइन कर ली थी।
नेता और अधिकारियों के साथ फोटो
बताया गया कि मनोज अग्रवाल के फोटो स्थानीय स्तर पर कुछ जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारियों के साथ भी हैं। इन्हें वो अपने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म के एकाउंट पर शेयर भी करता है। जेल अधिकारियों के बाद यह फोटो भी वायरल हो रहे हैं।
