
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
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आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार को जलेसर के युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कर्मचारी शव को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर छोड़कर भाग निकले। देर रात मृतक के ननिहाल पक्ष के लोगों ने इमरजेंसी में पहुंचकर हंगामा किया, तब पुलिस पहुंची। मामा ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, कर्मचारियों के साथ ही मृतक की सौतेली मां पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
जलेसर में अकबराबाद निवासी रामू जादौन (24) को उसकी सौतेली मां ने करीब सवा साल पहले यमुनापार के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। निधौलीकलां, एटा निवासी रामू के मामा मुकेश कुमार ने बताया कि रामू के पिता देवेंद्र सिंह ने दूसरी शादी कर ली तो उसके बाद वह अपने गांव चला गया था। शनिवार शाम भांजे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। सौतेली मां ने मौत की जानकारी दी। रात करीब नौ बजे वह एसएन अस्पताल पहुंचे तो स्ट्रेचर पर शव पड़ा था। केंद्र के कर्मचारी से पूछा तो वह भाग गया। मुंह से झाग निकल रहा था। चिकित्सकों ने भी कुछ नहीं बताया। इसके बाद एटा से आए अन्य लोगों ने हंगामा किया, तब पुलिस पहुंची। थानाध्यक्ष एमएम गेट अजब सिंह ने बताया कि दोपहर में नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारी युवक को लेकर आए थे। तब वह मृत अवस्था में था, एसएन में कोई उपचार नहीं हुआ।
बचपन में हो गई थी मां की मौत
रामू के मामा मुकेश कुमार ने बताया कि उनकी बहन की 20 साल पहले मौत हो गई थी। रामू तब छह माह का था। रामू को उन्होंने 18 वर्ष तक अपने पास ही रखा। बालिग होने पर वह अपने गांव में चला गया। रामू को नशे की लत पड़ने पर वहां से सौतेली मां ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था।
