आगरा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आईपीओ स्टॉक में निवेश का लालच देकर ठगी के मामले में एक वांछित को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने साइबर ठगी करने वालों को अपना बैंक खाता 10 हजार रुपये में बेचा था। उसका एक साथी पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है।
शास्त्रीपुरम निवासी विनय शर्मा ने 3 अक्तूबर को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वाट्सएप पर अंजान नंबर से आईपीओ स्टॉक में निवेश करने पर मुनाफे का लालच दिया गया। एक वाट्सएप ग्रुप से जोड़कर विभिन्न कंपनियों में निवेश करने के लिए कहा गया। एक अंजान लिंक भेज कर एप डाउनलोड कराया। इसके बाद अलग अलग खातों में 18.5 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। जब उन्होंने रकम निकालनी चाही तो पहले खाता फ्रीज होने की जानकारी देकर और रुपये निवेश करने को कहा गया।
इसके बाद उन्हें ग्रुप से हटाकर संपर्क खत्म कर दिए। पुलिस ने मेरठ के इस्लामाबाद गली नं. एक के मोहल्ला चार दीवारी थाना लिसाड़ी गेट निवासी काशिफ को गिरफ्तार किया है। उसके साथी जावेद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जावेद के कहने पर रुपयों के लालच में पिता आसिफ की फर्म के नाम से चालू खाता खुलवाया था। रजिस्टर्ड सिम और खाते की किट 10 हजार रुपये लेकर जावेद को दी थी। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना ने बताया कि आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया,जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
