
शोध छात्रा हत्याकांड का आरोपी उदय
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आगरा में 15 मार्च 2013 की तारीख कभी नहीं भूल सकते हैं। शोध कर रही बेटी को बेरहमी से मार दिया गया। उसने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था। वह तो चली गई। अब बस एक ही मकसद है, उसे न्याय दिला पाएं। 11 साल हो गए हैं। जो जख्म लगे हैं, उन पर न्याय से ही मरहम लगेगा। इसी आस के साथ जी रहे हैं। यह दर्द एक पिता का है। उनकी बेटी की दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान में पेपर कटर काटकर मार दिया गया था। केस में 50 से अधिक की गवाही पूरी हो चुकी है। सुनवाई के लिए 19 मार्च की अगली तारीख लगी है।
