डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा शुल्क पर चल रहा विवाद शासन स्तर तक पहुंच गया है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन(एसएफसीए) ने इस मुद्दे को न्यायालय में चुनौती दी, साथ ही मामले को उच्च शिक्षा मंत्री तक भी पहुंचाया है।

एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी एडवोकेट बृजेश शर्मा ने बताया कि शासन की ओर से निर्धारित शुल्क से अधिक परीक्षा शुल्क वसूले जाने के विरोध में संगठन और 24 कॉलेज कोर्ट में गए हैं। मामला फिलहाल विचाराधीन है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय की ओर से इन कॉलेजों के परीक्षा फॉर्म नहीं खोले जा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

इस बारे में एसोसिएशन ने कुलपति प्रो. आशु रानी को ज्ञापन सौंपा था। कुलपति ने महाविद्यालयों से शपथपत्र देने के बाद निर्णय लेने की बात कही और आश्वासन दिया कि कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बृजेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

मंत्री ने विश्वविद्यालय अधिकारियों से वार्ता कर छात्र हित में कार्य करने का आश्वासन दिया है। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि परीक्षा आवेदन शुल्क में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछले वर्षों में जो शुल्क निर्धारित है, उसी के अनुसार प्रक्रिया चल रही है।

 



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