डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में एमएड पाठ्यक्रम के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के परिणाम में देरी से छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है। ये परीक्षाएं 17 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित हुई थीं, लेकिन लगभग एक महीना बीतने के बाद भी परिणाम तो दूर काॅपियों मूल्यांकन ही पूरा नहीं हो सका है।
खंदारी परिसर में इस बार पहली बार एमएड की उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जा रहा है, इसके बावजूद प्रक्रिया मूल्यांकन का कार्य कछुए की गति से चल रहा है। इस कारण छात्रों को परिणाम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
चेकिंग प्रभारी प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि इस बार करीब 2,800 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए आई हैं, जिनमें से लगभग 1,500 का मूल्यांकन पूरा किया जा चुका है। शेष कॉपियों का मूल्यांकन अगले 5 से 6 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, देरी के चलते छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और वे जल्द परिणाम घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
