डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में विधि की मुख्य और पुनर्परीक्षा के परिणाम ने छात्रों को परेशान कर रखा है। 80 फीसदी से ज्यादा छात्र फेल हैं। परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगने पर जांच के लिए कमेटी पर कमेटी बनाई जा रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई।

पहली कमेटी विधि परीक्षा का मुख्य परिणाम सामने आने के बाद गठित की गई थी। परिणाम में गंभीर अनियमितता के आरोप छात्रों ने लगाए थे। बड़ी संख्या में छात्रों को लीगल लैंग्वेज विषय में अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था। कुलपति के समक्ष मुद्दा रखा गया तो उन्होंने 6 नवंबर 2025 को दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी में संजीव मिश्रा और रत्ना पांडे थीं। इन्हें जांच कर रिपोर्ट सौंपनी थी। छात्रों का आरोप है कि अब तक जांच रिपोर्ट न आने से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।

उधर, दूसरी ओर हाल ही में बीएएलएलबी और एलएलबी के पुनर्परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। इसमें भी गंभीर अनियमितता के आरोप हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में छात्र फेल हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संगठन के मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लीगल लैंग्वेज विषय में छात्र फेल हुए थे। जिसके बाद पुनर्परीक्षा कराई गई, उसमें भी स्थिति जस की तस है।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि मुख्य परीक्षा के दौरान शिकायत पर जांच कमेटी बनी थी। हालांकि रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। वहीं, पुनर्परीक्षा के नतीजों के लिए भी कमेटी गठित कर जांच कराई जा रही है। जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा।



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