Agra University employee's duty in Paliwal Park how he reached minister's residence

उच्च शिक्षा मंत्री, उनके बेटे और पीड़ित कर्मचारी की पत्नी
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा में कैबिनेट मंत्री के बेटे पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाने वाले कर्मचारी का कहना है कि उप कुलसचिव (प्रशासन) पवन कुमार ने उसकी ड्यूटी मंत्री आवास पर लगाई थी। वहीं उप कुलसचिव ने इससे साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि कर्मचारी पालीवाल पार्क परिसर में उद्यान विभाग में काम कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के कार्यों की मॉनीटरिंग कैसे की जा रही है। विभाग को यही नहीं पता है कि कर्मचारी कहां काम कर रहा है।

कर्मचारी दिनेश कुशवाह ने सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में आरोप लगाया है कि विवि के उप कुलसचिव प्रशासन पवन कुमार ने उसकी ड्यूटी मंत्री आवास पर लगाई थी। इस संबंध में जब उप कुलसचिव प्रशासन पवन कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कर्मचारी की उपस्थिति विश्वविद्यालय में ही लग रही है। वह पालीवाल पार्क परिसर में ही उद्यान विभाग में काम कर रहा है। उन्होंने कर्मचारी से कभी मंत्री के यहां जाने के लिए नहीं कहा था। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की ड्यूटी की मॉनीटरिंग किस स्तर की है। कर्मचारी दो साल से ड्यूटी करने की बात कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसकी शिकायत पर संज्ञान क्यों नहीं लिया?

तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई

कुलपति प्रो. आशु रानी के आदेश पर कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के विषाक्त पदार्थ का सेवन किए जाने संबंधी मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें सेठ पदमचंद जैन इंस्टीट्यूट के प्रो. ब्रजेश रावत, समाज विज्ञान संस्थान के डॉ. राजीव वर्मा व उप कुलसचिव विधि शामिल हैं। समिति को तत्काल जांच करके आख्या देने के लिए कहा गया है। कुलपति का कहना है कि विश्वविद्यालय के किसी कर्मचारी को किसी के घर काम करने के आदेश नहीं दिए गए हैं। जांच के बाद स्थिति साफ होगी। दूसरी ओर, विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी का कहना है कि विवि की जांच समिति से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।

मंत्री के घर कर्मचारी की तैनाती नियम विरुद्ध

विवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के किसी कर्मचारी से मंत्री के यहां कार्य कराना विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ है। इसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी दोषी हैं। मुख्यमंत्री से मांग है कि तत्काल प्रभाव से मंत्री और जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।

लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई होगी

 डीसीपी सिटी सूरज राय का कहना है कि कर्मचारी के विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के मामले की जानकारी मिलने पर मजिस्ट्रेट ने कर्मचारी के बयान दर्ज किए हैं। लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर जांच करके कार्रवाई की जाएगी। 

 



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