फतेहपुर सीकरी के चार हिस्सा के 12 परिवार पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए 9 साल तक भटके। अफसरों के दफ्तरों में दस्तक दी। कई शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर सदर तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। 13 दिनों तक धरना देने के बाद पट्टेदारों को सोमवार को तहसील प्रशासन किरावली की टीम ने जमीन पर कब्जा दिलाया।
किरावली तहसील के ग्राम सीकरी चार हिस्सा के 20 ग्रामीणों को वर्ष 2016 में आवासीय पट्टे आवंटित किए गए थे। आवंटन के वाद केवल 8 पट्टाधारकों को कब्जे मिल सके थे। राजस्व विभाग की हीलाहवाली के कारण 12 पट्टेदार कब्जे के लिए भटकते रहे। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद तहसील प्रशासन जमील खान, हनीफ, फिरोज, रफीक, प्रवीन बेगम, दिब्बो, दीपेंद्र आदि 12 पट्टेधारकों को कब्जा नहीं दिला सका था।
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि न्याय की आस लेकर 12 नवंबर को जिलाधिकारी को संज्ञान दिलाते हुए पीड़ित पट्टेदारों ने सदर तहसील प्रांगण में धरना शुरू किया था। सोमवार को उप जिलाधिकारी किरावली नीलम तिवारी के आदेश पर तहसीलदार दीपांकर ने नायव तहसीलदार चर्चिता गौतम राजस्व टीम और पुलिसबल के साथ पहुंचे। जमीन का चिह्नांकन करके पट्टेधारकों को कब्ज़ा दिलाया।
