उरई। रेंढर थाना क्षेत्र के ग्राम नावली में कृषि विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को एक गोदाम में छापा मारा। यहां से अवैध रूप से भंडारित यूरिया और डीएपी खाद की 1385 बोरियां अवैध की हैं। कृषि अधिकारी ने थाने में तहरीर दे दी है।
रबी की बोआई के सीजन में किसानों के लिए जहां खाद की किल्लत बनी हुई है, वहीं मुनाफाखोरों ने इस मौके को कमाई का जरिया बना लिया है। कुछ दिन पहले पिरोना में नकली खाद फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ था, अब नावली गांव में अवैध रूप से भंडारित खाद पकड़ी गई है।
कृषि अधिकारी गौरव यादव के नेतृत्व में गुुरुवार की रात रेढ़र थाना क्षेत्र के नावली गांव स्थित एक गोदाम में छापा मारा। टीम को 485 बोरी डीएपी और 900 बोरी यूरिया बरामद हुई। मौके पर गोदाम स्वामी देवानंद खाद का कोई वैध अभिलेख या बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। उससे पूछा गया कि यह खाद कहां से आई और किन किसानों के लिए रखी गई है तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। स्थिति संदिग्ध पाकर कृषि अधिकारी ने तत्काल रेंढर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर गोदाम को सील कर दिया।
जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और गोदाम स्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर थाने में दी गई है।
मध्य प्रदेश में की जा रही थी अवैध सप्लाई
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार देवानंद और उसके सहयोगी लंबे समय से खाद का अवैध भंडारण और आपूर्ति का नेटवर्क चला रहे थे। ट्रक के जरिए ये खाद मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांवों और कस्बों में ऊंचे दामों पर बेची जा रही थी। बताया गया कि अब तक हजारों बोरियां खपाई जा चुकी हैं, जिससे मुनाफाखोरों ने लाखों रुपये का लाभ कमा लिया है।
किसानों में रोष
किसानों ने कहा कि एक ओर सरकारी गोदामों पर खाद की कमी है और दूसरी ओर मुनाफाखोर गोदामों में खाद का पहाड़ खड़ा कर रखे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि खाद ब्लैक मार्केट में न बिक सके।
–
