
सपाध्यक्ष अखिलेश यादव की पोस्ट।
– फोटो : सोशल मीडिया।
मैनपुरी। सिकंदराराऊ कांड पर अब धीरे-धीरे सियासत का पारा चढ़ रहा है। भाजपा जहां इस पर केवल जांच किए जाने तक ही सीमित है तो वहीं विपक्षी दलों ने भी चुप्पी साध रखी थी। शनिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट कर इस मामले को सियासी हवा दे दी है। उन्होंने पूरे मामले में सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में गिरफ्तारियों को स्वयं में एक षडयंत्र बताया है। पोस्ट के साथ उन्होंने मैनपुरी के एक सेवादार की गिरफ्तारी के बाद उसके बेटे द्वारा लिखा गया पत्र भी संलग्न किया है।
कुरावली के गांव भानपुरा निवासी रामलड़ैते यादव को हाथरस पुलिस ने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके बाद उनके बेटे अंकित यादव ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि कुरावली पुलिस और एसओजी उसके पिता को 4 जुलाई को सुबह साढ़े 4 बजे के करीब घर से ले गई थी। उन्होंने पूछताछ कर छोड़े जाने की बात कही थी। लेकिन बाद में हाथरस पुलिस को सौंप दिया। उन्हें मीडिया के माध्यम से बाद में पता चला कि पुलिस ने उन्हें सिकंदराराऊ में हादसे में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है।
अंकित ने पत्र में लिखा है कि उसके पिता घटना वाले दिन घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर थे। उसने बताया कि साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था में लगे लोगों को ही गुलाबी वर्दी दी जाती है। उस दिन रामलड़ैते को दो किलोमीटर दूर वाहन खड़े कराने की जिम्मेदारी मिली थी। वे रोडवेज बस में बैठकर घर आ गए थे। जब जानकारी होने पर अंकित ने उन्हें हादसे की बात बताई तो उन्हें जानकारी हो सकी। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें झूठा फंसा दिया। सपा अध्यक्ष ने यही पत्र एक्स पर पोस्ट करते हुए गिरफ्तारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश ने ये किया है पोस्ट
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा है कि शासन और प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए छोटी-मोटी गिरफ्तारियां दिखाकर सैकड़ों लोगों की मौत की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना चाहता है। ये गिरफ्तारियां स्वयं में एक षड्यंत्र हैं, उन्होंने इसकी न्यायिक जांच कराने की मांग की है। इस कार्यक्रम में अधिकांश लोग गरीब, दुखी, शोषित, पीड़ित, वंचित थे। इस आधार पर इसका मतलब तो ये भी निकलता है कि ऐसे लोगों से भाजपा को कोई सरोकार नहीं है।
