
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह से सपा शासन में मेरिट के आधार पर पुलिस भर्ती हुई थी, उसी तरह से इस सरकार को भी यह भर्ती करनी चाहिए। उस समय की नियमावली अभी भी विभाग में मौजूद है, जिसके आधार पर दो-तीन माह में ही यह परीक्षा कराई जा सकती है।
अखिलेश यादव ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इस सरकार की नीयत नौकरी देने की नहीं है। आरओ और एआरओ एग्जाम भी रद्द करने की मांग अभ्यर्थी कर रहे हैं। केवल पेपर लीक होने में ही नहीं, बल्कि उसकी जांच में भी खेल किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि पुलिस भर्ती का पेपर लीक होने से हर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का दो से ढाई लाख वोट कम होगा।
उन्होंने कहा कि पहले तो भाजपाई कह रहे थे पेपर लीक ही नहीं हुए तो अब कैसे मान लिया। इसका मतलब अधिकारी और अपराधी मिले हुए थे और सरकार भी पीछे से अपना हाथ उनके सिर पर रखे हुई थी। लेकिन तमाम सबूतों के आगे चुनाव में ऐतिहासिक हार से बचने के लिए सरकार झुकने पर मजबूर हुई है।
उन्होंने कहा कि दिखावे के लिए नौकरियां निकालना, अरबों रुपये की फीस ले लेना, पेपर लीक होने देना, फिर निरस्त करने का नाटक करना। युवा अगले हर चुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराएंगे और हमेशा के लिए हटाएंगे। भाजपा सरकार फीस का पैसा अभी लौटाए और जब कभी दुबारा परीक्षा हो, तो ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट से फिर से फीस ले ले। उन्होंने कन्नौज में बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी करने वाले युवा को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
