राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए रोजगार मेला सिर्फ एक इवेंट है। आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। लगता है भाजपा के लोग विदेश में नौकरी के नाम पर प्लेसमेंट एजेंसी के एजेंट बनकर नाममात्र के वेतन पर युवाओं की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा के लिए नौकरी भी एक जुमला है। लेकिन, प्रदेश के सचेत युवा झांसे में नहीं आएंगे। जहां नौ साल इंतजार किया है, कुछ दिन और कर लेंगे। चुनाव में यही युवा भाजपा सरकार का टोकन काटेंगे। सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री ये भी बताएं कि विदेश में जाने वाले युवाओं का शोषण नहीं होगा? इसकी गारंटी कौन देगा।
लोग रोजी-रोटी की तलाश में बाहर जाने को मजबूर
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन साबित कर रहे हैं कि निवेश और उससे सृजित होने वाला रोजगार का दावा फुस्स हो गया है। आरोप लगाया कि सरकार ने गुजरात के लोगों को कारोबार और ठेकों में उत्तर प्रदेश के लोगों से ज्यादा काम दिया। स्किल मैपिंग का कोई भी नतीजा नहीं निकला। लोग रोजी-रोटी की तलाश में बाहर जाने को मजबूर हुए।
11 वर्षों में ऐतिहासिक रूप से भारतीयों का विदेश पलायन हुआ
सपा मुखिया ने कहा कि सरकार अरबपतियों को सकारात्मक वातावरण नहीं दे पाई। इस वजह से पिछले 11 वर्षों में ऐतिहासिक रूप से भारतीयों का विदेश पलायन हुआ है। पलायन का झूठ फैलाने वाले न तो उत्तर प्रदेश के हितैषी हैं और न ही प्रदेशवासियों के हितैषी हैं।