अमेठी सिटी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शनिवार को एक से 19 साल तक के 7,24,275 बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने दवा खिलाने के लिए 1830 टीमें गठित कर इसकी निगरानी की व्यवस्था भी बनाई है।

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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के 4043 विद्यालयों में बच्चों को एल्बेंडाजॉल दवा खिलाई जाएगी। 1972 सरकारी, 1869 निजी विद्यालयों के अलावा एएनएम सेंटर व आशा बूथों पर बच्चों व युवाओं को दवा खिलाने के लिए स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं की टीमें गठित की गई है।

सभी टीमें अपने क्षेत्र में एक से 19 वर्ष के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने में सहयोग करेंगी। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को उनके घरों पर दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए दवाओं की आपूर्ति हो चुकी है।

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सर्दी, खांसी बुखार में न खिलाएं दवा बच्चों को दवा खिलाते समय कुछ सावधानियां बरतनी होंगी। अगर किसी बच्चे का गंभीर बीमारी या संक्रमण के कारण उपचार चल रहा है। कोई बच्चा सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहा है तो उसे दवा नहीं खिलाई जाएगी।दो से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चबाकर खानी होगी।

उम्र के हिसाब से दें दवा

एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली, तीन से वर्ष 19 वर्ष के बच्चों को एक गोली दवा दी जानी है। खांसी, बुखार, सांस व गंभीर बीमारी के ग्रसित बच्चों को दवा का सेवन नहीं कराना है। दवा को हाथ से न खिलाएं। चम्मच का प्रयोग करें। बच्चों को अगर दवा खाने के बाद उल्टी, दस्त व पेट में हल्का दर्द हो तो उसे खुली हवा में छायादार स्थान पर लिटा दें।

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क्यों आवश्यक है यह दवा

फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि यह दवा पूर्णत: सुरक्षित है। कृमि संक्रमण का प्रभाव कई बार बहुत वर्षों बाद दिखाई देता है। दवा से पेट के कीड़े मरते हैं। कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी या पेट दर्द जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं। बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या कोई अन्य दवा ले रहे हैं। उनको ये दवाई नहीं खिलाई जाएगी।

बच्चों को दवा खिलाने में करें सहयोग

सीएमओ डाॅ. अंशुमान सिंह ने बताया कि दस अगस्त को छूटे बच्चों को 14 अगस्त को दवा खिलाई जाएगी। एल्बेंडाजोल की गोली पेट के कीड़ों की रोकथाम के लिए होती है। सभी अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों को दवा खिलाने में टीम का सहयोग करें।



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